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Saturday, 26 November 2016

मोदी सरकार यानी 'फिल गुड फैक्टर'



आखिर चार दिनों की कोशिश के बाद सौ-सौ के 20 नोट एटीएम से मुझे भी मिल ही गए... मिलने के बाद इतनी खुशी मिली जैसे किसी ने मुफ्त के ये पैसे दिए हो... आखिर मोदी जी की महिमा अपार है... 'फिल गुड फैक्टर' पुरा है इस सरकार में... ये अच्छे दिन नहीं तो और क्या है... अब कुछ भक्त गण कहेंगे कि मैंने भी तो पैसे निकाले मुझे तो कोई परेशानी नहीं हुई... तो उनको बता दू कि आपकी किस्मत शायद अच्छी होगी... मेरा तो एक दिन नंबर आते ही एटीएम में पैसा खत्म हो गए... फिर दो दिन दो-दो हजार के दो पिंक पत्ती यानी दो हजार के दो नोट निकले... जो कि देखने में डूपलिकेट वाला फिलिंग देता है इससे अच्छा आपको गांव के किसी मेले में बच्चों के खेलने वाले नोट मिल जाएंगे... खैर ये नोट जैसे देखने में डूपलिकेट जैसा है वैसे ही काम में भी ये नोट आपके जेब में हो या ना हो फर्क नहीं परता क्योंकि आपको ढूंढने से शायद दिन में तारे मिल भी जाए पर इसके छुट्टे नहीं मिलेंगे... आलम ये है कि इन चार दिनों में दो हजार से ज्यदा कर्ज हो गया लेकिन छुट्टे अभी तक नहीं हुए... खैर एटीएम के लाइन में बस इतना ही सोच रहा था कि अगर हमारे जवान बॉर्डर पर हमारे लिए इतना संघर्ष कर सकते हैं तो क्या हम देश के लिए इतना भी नहीं कर सकते... अब इस बात का इससे क्या लेना-देना है वो मुझे नहीं पता पर... मेरे दिमाग में ये चल रहा था कि अगर एेसा सोचा तो शायर मैं देश द्रोह भी हो सकता हूं... आखिर जीवन में अगर संघर्ष नहीं हुआ तो जीवन ही क्या... इस लिए पहले सिर्फ पैसा कमाने में संघर्ष करते थे अब उसे कमा के बैंक में डालने में संघर्ष, फिर निकालने में संघर्ष और सबसे अच्छी बात ये कि अपना ही पैसा बैंक में जमा करने और निकालने के दौरान अगर आप सफल रहे तो फील गुड फैक्टर यानी 'अच्छे दिन आनेवाले हैं' की अनुभूति साकार होगी... पर हां इतना संघर्ष के बाद भी अाप अपना ही पैसा मन मुताबिक नहीं निकाल सकते... यानी आपके पापा के तरह अब सरकार आपसे कहेगी कि एक दिन में आपको कितना खर्च करना हैं... फर्क सिर्फ इतना है कि पापा अपने पैसे उड़ाने से रोकते थे सरकार आपको खुद के पैसे उड़ाने से रोकेगी... तभी तो माल्या जैसे लोगों का कर्ज माफ हो सकेगा... और वो कर्ज ले कर देश से बाहर जा के ऐश की जिंदगी गुजार सकेगा... तो अाप भी लाइन में लगे रहे और संघर्ष करते रहे ये समझ कर कि अाप देश सेवा कर रहे हैं... पर हां परेशानी होने पर एक शब्द भी सरकार के खिलाफ ना बोले नहीं तो अाप देश द्रोह भी बन सकते हैं... बस पैसा हाथ में आने या जमा करने के बाद अच्छे दिनों का एहसास करें यानी फिल गुड फैक्टर!