Follow by Email

Followers

Thursday, 14 February 2013

गर्लफ्रेंड न होने का अफ़सोस!


फरवरी को प्यार का महीना कहा जाता है क्योंकि इसके पहले ही हफ्ते से Valentine Week शुरु हो जाता है। 7 फरवरी को रोज़ डे से शुरू हुआ हफ़्ता प्रपोज़ डे, चॉकलेट डे, टेडी बियर डे, प्रॉमिस डे, हग डे, किस डे और फिर वैलेंटाइन डे पर ख़त्म हो जाता है।

अभी कुछ दिन पहले मेरा एक खास दोस्त मुझसे मिलने आया। उसने कहा ''दोस्त मैं घर जा रहा हूं।'' मैंने पूछा कब लौटोगे ? अब मार्च में ही लौटूंगा उसने कहा! मैंने कहा कि तुम से एक बात पुछनी थी, जो पिछले 2-3 सालों से पुछनी चाहता था। उसने कहा, क्या पूछों? यार लोग अक्सर अपने घर किसी त्यौहार या फंगसन में जाते है लेकिन फरवरी में न तो होली होती है न दिवाली और न ही दशहरा, तो फिर तुम हर वार फरवरी में ही घर क्यों जाते हो? उसने कहा, यार हर साल फरवरी के दूसरे सप्ताह यानी वैलेंटाइनी मौसम में यहां अच्छा नहीं लगता, जब भी प्रेमी जोड़ों को पार्क, मोल्स, काफ़ी शॉप या फिर सिनेमा घरों में एक दूसरे के बाहों में बाहें थामे देखता हूं तो मुझे अच्छा नहीं लगता और गर्लफ्रेंड न होने का अफ़सोस होता है! इस लिए हर बार घर चला जाता हूं। वहां अपने परिवार के साथ समय बीत जाता है और न ये सब देख पाता हूं और न ही कोई अफ़सोस होता है। मैने कहा, तो शादी क्यों नहीं कर लेते, यार बीबी में गर्लफ्रेंड वाली बात कहां होती उसने कहा!!! जब प्रेमी जोड़ों को सज-धज कर दिल के आकार के गुब्बरों के साथ रेस्तरों या पार्क में देखता हूं तो अंदर से जलन होती है और मन में अनायास एक सवाल उठता है.... वही गर्लफ्रेंड न होने का अफ़सोस.... गर्लफ्रेंड न होने का तब और ज्यादा अफ़सोस होता है, जब सुनता हूं कि आज-कल का लव ऑनलाइन हो गया है। यानी फेसबुक, व्हाट्सएप और स्काईप जैसे सोशल साइट पर चैटिंग फिर प्यार का इजहार धड़ल्ले से हो रहा है। ये सोच के परेशान हो जाता हूं कि इस वैलेंटाइन-डे के खास मौके पर अपनी चाहत का इजहार करने वालों को कितनी खुशी मिलती होगी। इन प्यार करने वालों के लिए कितने ऐसे चैटिंग-डेटिंग वाला साइट्स है, जो प्यार करने वाले जोड़ों को काफी करीब ला दिया है।

मैंने उसकी बातें सुन कर मन ही मन सोचने लगा कि सच में जब हम प्यार में होते है तो हमारी लाइफस्टाइल कितनी बदल जाती है। अपने प्यार के साथ बिताए एक-एक पल हम जिंदगी भर नहीं भूल पाते। जब हम अपने प्यार के साथ होते है तो हम सारे दुख-दर्द को भुला कर अपने प्यार के साथ खो जाते है और दिल करता है कि काश!!! ये पल यहीं थम जाए! आधुनिक परंपरा में उबल रहें इन युवाओं की भीड़ हमारे दोस्त जैसे उन तमाम पुरानी सोच वाले लोगों को ठेंगा दिखा कर खुल्लमखुल्ला अपने प्यार का इजहार करते हैं। वैसे तो वैलेंटाईन-डे का खुमार सभी प्यार करने वालों पर होता हैं, लेकिन खास कर मेट्रो शहर के युवाओं पर ज्यादा ही होता हैं। इन युवाओं के रोमांस को देख कर साफ पता चलता है कि प्यार कि तिलस्म बारिश में खोए इन प्रेमी जोड़ों के प्यार और लाइफस्टाइल में रुपहले पर्दे की रूमानी झलक साफ दिखाई देती हैं। यू तो प्यार करने का कोई दिन नहीं होता लेकिन वेलेंटाइन-डे के खास मौके पर हर एतिहासिक जगह, पार्क, मोल्स या फिर मूवी जैसे जगहों पर जा के एक दूसरे के हाथों में हाथ डाल के दो पल सुकून के दुनिया से बेखबर हो कर बीतते हैं। अपने प्यार को एक प्यारा सा तोहफा देने से भी नहीं चुकते। भले ही इसके लिए पैसा घरवालों से झूठ बोल के या दोस्तों से मांग के ही लिया हो लेकिन हम प्रेमी अपने प्रेमिका को इम्प्रेस करने के लिए हर वो कोशिश करते हैं, जिससे हमारी प्रेमिका मुस्कुरा सके।
बहरहाल अब आप इस वैलेंटाइन-डे किसके साथ मना रहें हैं या फिर आप भी मेरे दोस्त के तरह गर्लफ्रेंड न होने आप भी अफ़सोस कर रहे हैं, ये तो आप ही जाने! खैर आप सभी को हेपी वैलेंटाइन-डे ! 
  
आप हम से ट्विटर या फेसबुक पर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
https://www.facebook.com/sonu.kumar.75436

https://twitter.com/jhazone