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Thursday, 17 January 2013

शर्म करो इंडिया!





एक टीवी चैनेल पर इंटरव्यू के दौरान जब पाक विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार से पूछा गया कि पाकिस्तान बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है... एक तरफ कादरी साहब जनांदोलन चला रहे है और दूसरी तरफ पाक सुप्रीम कोर्ट प्रधानमन्त्री को भ्रष्टाचार के केस में गिरफ्तारी के वारंट जारी करने के आदेश दिए है....हिना रब्बानी का जबाव सुनकर मेरा ही नही पुरे भारत का सर शर्म से झुक गया...हिना रब्बानी ने कहा कि "विदेशी मीडिया पाकिस्तान की तारीफ क्यों नही कर रही है ? हमने कादरी साहब पर कोई पुलिसिया कार्रवाई नही की जबकि भारत ने बाबा रामदेव के उपर रात के दो बजे पुलिस कार्रवाई की थी... बच्चो और महिलाओ को बुरी तरह पीटा गया और एक महिला की मौत भी हो गयी...अगर ये कार्रवाई पाकिस्तान में हुई होती तो पूरा का पूरा पश्चिमी जगत पाकिस्तान को बर्बर और फेल देश घोषित कर देता ... आप पश्चिम वालो को भारत में हो रही घटनाये क्यों नही दिखती ? क्या आज तक पाकिस्तान पुलिस ने किसी जनआन्दोलन को रात के दो बजे सो रहे बुजुर्गो, महिलाओ और बच्चों पर लाठी चलाकर खत्म करवाया है ? रही बात हमारे प्रधानमन्त्री पर लगे आरोपों की तो भारत के प्रधानमन्त्री पर कितने आरोप लगे है ? उन्होंने कितने खरब के घोटाले अपनी सरकार में होने दिए...!! मै तारीफ करती हूँ अपने मुल्क की जम्हूरियत की ताकत की...हमारे अदालतों में वो माद्दा है कि हम प्रधानमन्त्री तक को भ्रस्ताचार में नही छोड़ते...जबकि आपलोग भारत के लोकतंत्र की तारीफ करते है...क्या भारत के किसी भी अदालत में ये माद्दा है कि इतने आरोपों के बाद भी वो प्रधानमन्त्री को सम्मन तक जारी कर सके...
हिना के तर्को में दम तो है !!
वैसे, हिना जी बोलती बहुत अच्छा हैं और दिखती भी अच्छी हैं ...
इसीलिए, मुझे उनकी बातों को सुनने में कुछ विशेष दिलचस्पी रहती है !!


Wednesday, 16 January 2013

केजरीवाल की खोज!

अभी कुछ दिन पहले मुझसे किसी ने पूछा भाई साब आज-कल अपने केजरीवालजी नज़र नहीं आते। अब उनके पास भांडा फोड़ने को कोई बचा नहीं क्या? उनसे कहिए जिस तरह से वो बड़े-बड़े राजनेताओं और उद्योगपतियों का  भाडाफोड़ा हैं। अगर उसी तरह मेरा भी एक बार  भाडाफोड़ कर देंगे तो बात बन जाएगी। क्योंकि  भांडा फोड़ से इन लोगों का कुछ होता तो नहीं, उपर से ये और ज्यादा चर्चा में आ जाते हैं और समाज में उनकी हैसियत का डंका बज जाता हैं। यानी केजरीवाल आज-कल बड़े लोग होने का एक तरह से सर्टिफिकेट प्रदान करते है। वो जिसका भी नाम लेते हैं। वह बड़ा आदमी माना जाता हैं, तो मैं भी सोच रहा था कि काश एक बार मेरा भी कोई खुलासा कर दें, तो मैं भी बड़े लोगों की कतार में आ जाऊं। आप तो पत्रकार हैं, एक बार उनको बताइए न कि मैं भी बहुत बड़ा घोटालेबाज हूं। सुईस बैंक में नहीं तो एसबीआई में तो मेरा खाता मिलेगा ही और अब तो एचडीएफसी में भी खुलबा लिया है। अगर अभी उनके पास समय नहीं हैं तो कुछ दिन बाद ही सही, पर एक बार मेरा नाम ले लेंगे, तब मेरा भी नाम बड़े लोगों में गिना जाएगा। समाज में आपनी भी हैसियत का डंका बज जाएगा। मैंने उससे कहा- भाई केजरीवालजी की तो खोज हम लोग भी कर रहें हैं। हम जैसे पत्रकार को तो वो बैठे बिठाए 2-4 घंटे  की खबर दे देते थे। पर कुछ दिन से तो उन्होंने खबर देना ही बंद कर दिया हैं। उसने कहा कही ऐसा तो नहीं कि अब उनके पास घोटालेबाजों की सूची ख़त्म हो गई है। या फिर इस बार वो कोई बड़ा खुलासा करने के लिए बड़ी तैयारी में जुटे हैं। मैंने कहा हो सकता है। पर हां ये बात सच है कि आज हमारे देश को कई और केजरीवाल जैसे साहसी लोगों की जरुरत है और न सिर्फ नेता बल्कि पत्रकार और आम जनता भी केजरीवाल की तरह चाहिए तभी इस देश का कल्याण हो सकता है।